उत्तराखंडऊधमसिंह नगर

सीएम धामी ने निष्पक्ष जाँच करवा दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दिलाया विश्वास

Action taken in Kashipur farmer suicide case; entire police station staff, including the station house officer, transferred to reserve duty.

काशीपुर किसान आत्महत्या मामलें ने उत्तराखंड पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है आत्महत्या से ठीक पहले अपना बयान रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया जिस वीडियो में मृतक सुखवंत सिंह ने काशीपुर के आईटीआई कोतवाली के इंस्पेक्टर और एसएसपी मणिकांत मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं इतना ही नही मृतक सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में अपनी प्रताड़ना को शब्दों में जाहिर करते हुए कहा है कि उनके साथ 4 करोड़ की धोखाधड़ी हुई थी जिसमे न्याय के लिए वो आईटीआई कोतवाली गए स्थानीय पैगा चौकी गए जब दोनों जगह निराशा हाँथ लगी तो एसएसपी से भी गुहार लगाई लेकिन उन्हें न्याय नही मिला।इसीलिए किसान को न्याय पाने के लिए आत्महत्या करने का कदम उठाना पड़ा।

मृतक सुखवंत ने अपनी वीडियो में सीबीआई से जाँच करवाने का आग्रह भी किया है इसका मतलब ये है कि उनका विश्वास पुलिस से पूरी तरह उठ चुका है मित्र पुलिस की छवि को साफ सुथरा बनाने के सभी दावे सुखवंत के इस बयान से एक बार फिर धूमिल हो चुके है कि उनके बच्चे पत्नी के मरने के बाद उनके अंगों को बेच कर पुलिस के परिवारों को दे दिया जाए ताकि उनका भरण पोषण हो सके।इस तरह के गंभीर आरोपों से उधमसिंहनगर पुलिस सवालों में है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी मृतक के सामने आ खड़ी हुई कि करोड़ो की धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद पुलिस को आत्महत्या के लिए वजह बताया।हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामलें की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश देते हुए सीनियर IAS अफसर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को इस पूरे मामलें की जांच सौंपी है और पूरे मामलें में निष्पक्ष जाँच के साथ ही दोषियों पर कड़ी कारवाई का विश्वास दिलाया है लेकिन किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने मित्र पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं इस घटना ने उन तमाम दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो सीनियर अफसरों के द्वारा आमजनता को न्याय दिलाने के लिए बार बार जारी किए जाते रहे हैं।

वही किसान आत्महत्या मामलें में SSP मणिकांत मिश्रा के द्वारा
कोतवाली आईटीआई से जुड़े प्रकरण में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर कड़ा कदम उठाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला के साथ उपनिरीक्षक प्रदीप बिष्ट को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी पैगा पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

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